हम मध्यस्थ की भूमिका निभा सकते थे और निभानी भी चाहिए थी। प्रधानमंत्री की झप्पी कूटनीति की पूरी तरह पोल खुल चुकी है। देश को इसकी कीमत चुकाने के लिए मजबूर... Read More
इस वक्त की सबसे बड़ी उलझन है कि मनुष्यों में परस्पर विश्वास समाप्त होता जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र संघ जैसी वैश्विक संस्थाएं भी जैसे डर के साये में हैं। वे कथित महाशक्तियों के वीटो पॉवर की आड़ में खुद को बचा रही हैं। ऐसा लग रहा है कि सं.रा. संघ अब एक शांति स्थापित करने वाली संस्था न रहकर एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में रूपांतरित हो गया है। Read More
MP Poliitcs: ज्योतिरादित्य सिंधिया जब बीजेपी में आए तो उन्होंने सबसे पहले केपी यादव को किनारे करवाया। मगर केपी यादव लगातार सिंधिया के खिलाफ हमलवार हैं। अब बीजेपी के दूसरे नेता भी सिंधिया को लोकसभा चुनाव हराने वाले केपी... Read More